मनोहर कहानियां विशेषांकसाइबर क्राइम फाइल्स: कूरियर में ड्रग्स के नाम पर 'डिजिटल अरेस्ट' के अंतरराष्ट्रीय गिरोह का अंत (दैनिक विशेषांक • 11 अक्टूबर 2026)
फर्जी कस्टम अधिकारी और नकली कोर्ट रूम बनाकर 48 घंटे तक वीडियो कॉल पर डराने वाले गिरोह को पुलिस ने कैसे दबोचा...
इंटरनेशनल पार्सल के नाम पर आई ऑटोमेटेड कॉल
'आपका पार्सल मुंबई एयरपोर्ट पर जब्त किया गया है जिसमें अवैध दस्तावेज मिले हैं, अधिक जानकारी के लिए 9 दबाएं'—इस एक बटन को दबाते ही एक महिला डॉक्टर साइबर अपराधियों के सीधे निशाने पर आ गईं।
डॉक्टर की सूझबूझ और लाइव ट्रैप
जब ठगों ने वीडियो कॉल पर आकर उन्हें 'डिजिटल अरेस्ट' में रहने की धमकी दी, तो डॉक्टर ने घबराने के बजाय दूसरे फोन से चुपचाप साइबर पुलिस को लाइव लोकेशन और कॉल की जानकारी दे दी।
कॉल चलते-चलते ही ठगों के ठिकाने पर दबिश
साइबर सेल ने वीपीएन टनल को रिवर्स ट्रैक करते हुए फर्जी स्टूडियो पर छापा मारा और वर्दी पहने ठगों को लाइव कैमरे के सामने ही गिरफ्तार कर लिया।
संपादकीय दृष्टिकोण (SWEN Stories Daily Desk — 11 अक्टूबर 2026)
भारत के कानून में 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी कोई व्यवस्था नहीं है। पुलिस या कोर्ट कभी भी वीडियो कॉल पर पैसे की मांग नहीं करते।
बहुत ही स्पष्ट और तथ्यपरक रिपोर्टिंग। निष्पक्ष जानकारी साझा करने के लिए संपादकीय टीम को धन्यवाद।
इस तरह के गहन और प्रमाणिक विश्लेषण की आज डिजिटल युग में बहुत ज़रूरत है। SWEN Media का प्रयास सराहनीय है।
