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साइबर क्राइम फाइल्स: एआई वॉइस क्लोनिंग से रिश्तेदार बनकर 15 लाख की ठगी का खुलासा (दैनिक विशेषांक • 14 अक्टूबर 2026)

हूबहू बेटे की आवाज में आई एक इमरजेंसी कॉल और घबराए माता-पिता ने तुरंत ट्रांसफर कर दिए पैसे—जानिए कैसे बचें इस नए जाल से...

मनोहर कहानियां सम्पादकीय डेस्क
13 अक्टूबर 2026
6 मिनट की कहानी
सत्यापित रिपोर्ट (Verified)
साइबर क्राइम फाइल्स: एआई वॉइस क्लोनिंग से रिश्तेदार बनकर 15 लाख की ठगी का खुलासा (दैनिक विशेषांक • 14 अक्टूबर 2026)
साइबर क्राइम फाइल्स: एआई वॉइस क्लोनिंग से रिश्तेदार बनकर 15 लाख की ठगी का खुलासा (दैनिक विशेषांक • 14 अक्टूबर 2026)

'पापा, मैं मुसीबत में हूं...' — वो खौफनाक फोन कॉल

दोपहर के वक्त सेवानिवृत्त प्रोफेसर शर्मा को एक अनजान नंबर से कॉल आया। फोन के उस पार से उनके विदेश में पढ़ रहे बेटे की रोती हुई आवाज सुनाई दी कि उसका एक्सीडेंट हो गया है और तुरंत अस्पताल व पुलिस सेटलमेंट के लिए पैसे भेजने होंगे।

सोशल मीडिया वीडियो से चुराया गया वॉइस सैंपल

जब प्रोफेसर साहब ने घबराहट में रकम ट्रांसफर करने के बाद बेटे के असली नंबर पर संपर्क किया, तो पता चला कि बेटा बिल्कुल सुरक्षित अपनी क्लास में था। साइबर ठगों ने सोशल मीडिया रील्स से आवाज का 10 सेकंड का सैंपल लेकर एआई से क्लोन किया था।

गोल्डन आवर में 1930 हेल्पलाइन की त्वरित कार्रवाई

शिकायत दर्ज होते ही नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (1930) की टीम ने महज 40 मिनट के भीतर म्यूल खातों को फ्रीज कर पूरी रकम वापस दिलाने में सफलता हासिल की।

संपादकीय दृष्टिकोण (SWEN Stories Daily Desk — 14 अक्टूबर 2026)

साइबर मंत्र: किसी भी इमरजेंसी कॉल पर पैसे भेजने से पहले परिवार के सदस्य के मूल नंबर पर स्वयं कॉल करके पुष्टि अवश्य करें।

पाठक प्रतिक्रिया2 समीक्षाएं
5.0
र
राजेश कुमार वर्मा• २ घंटे पहले
#सटीक विश्लेषण

बहुत ही स्पष्ट और तथ्यपरक रिपोर्टिंग। निष्पक्ष जानकारी साझा करने के लिए संपादकीय टीम को धन्यवाद।

ड
डॉ. अंकिता शर्मा• ५ घंटे पहले
#ज्ञानवर्धक

इस तरह के गहन और प्रमाणिक विश्लेषण की आज डिजिटल युग में बहुत ज़रूरत है। SWEN Media का प्रयास सराहनीय है।