मनोहर कहानियां विशेषांकसाइबर अलर्ट: आधार बायोमेट्रिक क्लोनिंग और बिना ओटीपी बैंक खातों की सफाई (संध्या संस्करण • 29 अक्टूबर 2026)
बिना फोन कॉल और बिना ओटीपी के कैसे खाली हो रहे थे खाते? साइबर फॉरेंसिक टीम द्वारा पकड़े गए सिंडिकेट की इनसाइड स्टोरी...
मोबाइल हाथ में, फिर भी खाते से निकल गए पैसे
शहर के दर्जनों नागरिकों के पास अचानक बैंक से पैसे कटने के एसएमएस आने लगे। हैरानी की बात यह थी कि किसी ने भी अपना ओटीपी या पिन किसी अजनबी के साथ साझा नहीं किया था।
सिलिकॉन फिंगरप्रिंट और माइक्रो-एटीएम का खेल
साइबर क्राइम सेल की फॉरेंसिक जांच में सामने आया कि प्रॉपर्टी रजिस्ट्री और फर्जी सिम कियोस्क से लोगों के अंगूठे के निशान बटर पेपर और सिलिकॉन वैक्स पर कॉपी किए गए थे, जिनका उपयोग एईपीएस (AEPS) निकासी में हो रहा था।
साइबर कमांडो की रेड और बायोमेट्रिक लॉक की सीख
आईपी एड्रेस और डिवाइस मैक आईडी को ट्रैक कर पुलिस ने गिरोह के मास्टरमाइंड को सैकड़ों क्लोन फिंगरप्रिंट्स के साथ गिरफ्तार किया और नागरिकों को mAadhaar ऐप पर बायोमेट्रिक लॉक सक्रिय करने की सलाह दी।
संपादकीय दृष्टिकोण (SWEN Stories Daily Desk — 29 अक्टूबर 2026)
सुरक्षा टिप: अपने आधार बायोमेट्रिक को हमेशा लॉक रखें और केवल आवश्यकता होने पर ही अस्थायी रूप से अनलॉक करें।
बहुत ही स्पष्ट और तथ्यपरक रिपोर्टिंग। निष्पक्ष जानकारी साझा करने के लिए संपादकीय टीम को धन्यवाद।
इस तरह के गहन और प्रमाणिक विश्लेषण की आज डिजिटल युग में बहुत ज़रूरत है। SWEN Media का प्रयास सराहनीय है।
