थ्रिलर व सस्पेंसकहानियांमनोहर कहानियां विशेषांक

हाईवे थ्रिलर: कोहरे में फंसी वो आख़िरी बस और 24 किलोमीटर का खौफनाक सफर (संध्या संस्करण • 12 अक्टूबर 2026)

पहाड़ी दर्रे पर अचानक बंद हुआ मोबाइल नेटवर्क, अजनबी मुसाफिर और ड्राइवर के केबिन में मिला वो रहस्यमयी खत...

मनोहर कहानियां सम्पादकीय डेस्क
11 अक्टूबर 2026
7 मिनट की कहानी
सत्यापित रिपोर्ट (Verified)
हाईवे थ्रिलर: कोहरे में फंसी वो आख़िरी बस और 24 किलोमीटर का खौफनाक सफर (संध्या संस्करण • 12 अक्टूबर 2026)
हाईवे थ्रिलर: कोहरे में फंसी वो आख़िरी बस और 24 किलोमीटर का खौफनाक सफर (संध्या संस्करण • 12 अक्टूबर 2026)

रात के ग्यारह बजे और आखिरी पहाड़ी चेकपोस्ट

शिमला से आगे बढ़ते ही बर्फबारी और घने कोहरे ने पूरे हाईवे को अपनी आगोश में ले लिया था। राज्य परिवहन की आखिरी बस में कुल ग्यारह मुसाफिर सवार थे, लेकिन बारहवीं सीट पर रखा एक लावारिस बैग हर मोड़ पर एक अजीब सी टिक-टिक की आवाज कर रहा था।

सुरंग के भीतर अचानक बंद हुईं हेडलाइट्स

जब बस दो किलोमीटर लंबी पुरानी सुरंग के बीचों-बीच पहुंची, तो अचानक इंजन बंद हो गया। अंधेरे में जब एक यात्री ने मोबाइल की टॉर्च जलाई, तो देखा कि बस का पिछला आपातकालीन दरवाजा खुला हुआ था और बर्फ पर ताजे कदमों के निशान थे।

भोर का उजाला और चौंकाने वाला सच

रेस्क्यू टीम के पहुंचने पर जो सच सामने आया उसने सबको दंग कर दिया—बस का ड्राइवर ही अपनी जान पर खेलकर उन यात्रियों को एक बड़े भूस्खलन और लुटेरों के जाल से सुरक्षित बाहर निकाल लाया था।

संपादकीय दृष्टिकोण (SWEN Stories Daily Desk — 12 अक्टूबर 2026)

संकट की घड़ी में धैर्य और साहस ही इंसान को सबसे गहरे अंधेरे से बाहर निकालता है।

पाठक प्रतिक्रिया2 समीक्षाएं
5.0
र
राजेश कुमार वर्मा• २ घंटे पहले
#सटीक विश्लेषण

बहुत ही स्पष्ट और तथ्यपरक रिपोर्टिंग। निष्पक्ष जानकारी साझा करने के लिए संपादकीय टीम को धन्यवाद।

ड
डॉ. अंकिता शर्मा• ५ घंटे पहले
#ज्ञानवर्धक

इस तरह के गहन और प्रमाणिक विश्लेषण की आज डिजिटल युग में बहुत ज़रूरत है। SWEN Media का प्रयास सराहनीय है।