मनोहर कहानियां विशेषांकहवेली का 40 साल पुराना राज: जब खुदाई में मिली संदूक ने गांव के मुखिया की नींद उड़ाई
जमींदारी दौर की पुरानी हवेली के तहखाने में नींव खोदते वक्त मजदूरों को एक लोहे का संदूक मिला। उसमें बंद दस्तावेजों ने पूरे खानदान के इतिहास को हिला कर रख दिया...
पुरानी ईंटों के नीचे दबा इतिहास
गांव के टीले पर बनी सौ साल पुरानी हवेली के खंडहरों को जब नए निर्माण के लिए ढहाया जा रहा था, तो किसी ने नहीं सोचा था कि पत्थरों के नीचे कोई खौफनाक राज दफन होगा।
चांदी का ताला और पीली पड़ चुकी वसीयत
संदूक खुला तो उसमें कोई खजाना नहीं, बल्कि सन् 1984 की वह मूल वसीयत और कोर्ट के कागजात थे जिन्हें गांव के दबंग मुखिया ने धोखे से गायब कर दिया था। उस वसीयत ने साबित कर दिया कि हवेली के असली वारिस वे अनाथ बच्चे थे जिन्हें दशकों पहले गांव से बेदखल कर दिया गया था।
बहुत ही स्पष्ट और तथ्यपरक रिपोर्टिंग। निष्पक्ष जानकारी साझा करने के लिए संपादकीय टीम को धन्यवाद।
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