मनोहर कहानियां विशेषांकजायदाद का अंधा मोह: जब सगे भाई ने रची 50 करोड़ की संपत्ति हड़पने की साजिश
खून का रिश्ता जब दौलत की हवस के आगे फीका पड़ गया। एक बुजुर्ग पिता की वसीयत में हेरफेर और सालों तक अदालत में लड़ी गई इंसाफ की जंग...
हवेली के बंटवारे की वो मनहूस शाम
बुजुर्ग रामेश्वर जी के निधन के दसवें दिन ही घर में वकीलों की आमद शुरू हो गई। बड़ा बेटा, जो सालों तक विदेश में रहा, अचानक एक ऐसी वसीयत लेकर पहुंचा जिसने छोटे भाई और विधवा मां को सड़क पर ला खड़ा किया।
फॉरेंसिक हैंडराइटिंग लैब की जांच
जब छोटे बेटे ने वसीयत पर पिता के अंगूठे और हस्ताक्षर की फॉरेंसिक जांच करवाई, तो लैब रिपोर्ट ने सनसनी फैला दी। वह वसीयत पिता की मृत्यु के तीन दिन बाद फर्जी गवाहों के साथ तैयार करवाई गई थी। सत्य की जीत हुई और लालची भाई सलाखों के पीछे पहुंचा।
बहुत ही स्पष्ट और तथ्यपरक रिपोर्टिंग। निष्पक्ष जानकारी साझा करने के लिए संपादकीय टीम को धन्यवाद।
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